कुदरत का खेल !! किसी ने सही ही कहा है "जब आप के पास सुख है तोह दुःख का आना तय है" यह कहानी है एक मध्य वर्ग परिवार की, एक माँ की वह कैसे रहती है। आज से 10-20 साल पूर्व माँ से ससुराल /रिश्तेदार सब को एक पुत्र की इच्छा होती थी। पुत्र न होने पर दुश्मनों से भी ज्यादा बुरा बर्ताव होता था। उस माँ ने एक नही 5 पुत्र दुनिया में आते ही चले गए। उस माँ के बारे में सोचिए उस पर क्या बीती होगी , जिसको कागज़ पर उतारना किसी के लिए संभव नही। कहते है ना " ऊपर वाला सब की सुनता है, उसने उस माँ की भी सुन ली। माँ के गुण इतना महान होता है कि क्या बोलू , की जब वह अपने बचपन में पापा की यहाँ होती है तोह वहाँ अपने शौक,सुख अपनी इक्छाये पूरी नही कर पाती है, ताकि उनके पापा का पैसा बच सके। बाद में वह शादी करके अपने पति के पास आ जाती है, तोह वहाँ भी वह अपने पति के पैसे बचाती है आने वाले कल के लिए, अपने बच्चो के लिए उनके अच्छे कल के लिए वह अपने सुख को अधूरा छोड़ देती है। ऐसा नही है कि वह अपने सुख भोग नही सकती,पर माँ को अपने सुख पर भोग करना तभी अच्छा लगता हैं जब उसका बेटा अपने पैरों पर खड़ा ...