पर खुमार था तेरी अदा का मुझे रहा ही नहीं गया | यह पागल दिल भी जाने किसी अनजान पता पर चला गया , अगर पता होता है की यह तेरा दिल का पता है तोह मेरा दिल जहनुम ही जाता | सच कहते थे मेरे दोस्त की तु गलत जा रहा है , एक मामूली लड़की को अपना खुदा बना रहा है| मै भी इंसान हूँ गलती तोह करनी थी, पर पाप होगा यह नहीं पता था| गम होता है अपनी इस गलती का न जाने अपनी जिंदिगी के, जरूरी दो साल तेरे इश्क़ में कुर्ब्बान कर दिया है | अगर न मिलता तुझसे तोह समझ , नहीं पता की मोहब्बत कहते किसे है? तुने तोह क्या सिखया , की इश्क़ एक युद्ध है जिसमे ज्यादा मोहब्बत करने वाले जीत कर भी अन्दर से ही मार जाते है| ...