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Showing posts from April, 2019

क्या करो मैं ऐसा ही हूँ।

न हूँ मै तेरे क्रश की तरह  न ही उसके जैसे दिखता हूँ , क्या करो मैं  ऐसा ही हूँ।  नहीं आता मुझे लड़की पटाना  न ही उनकी बात समझता हूँ  न हूँ मैं उनकी आँखों का सितारा  पर हूँ मैं अपनी माई के लिए  दुनिया का तारा।  नहीं आता तेरी  गुलाबी  होठों को पढ़ना , नहीं आता तेरी नश्ली  आँखो से बचना , क्या करो मैं ऐसा ही हूँ।  नहीं हूँ मैं दूसरे जैसा जो  दिल मे होता है वह  कहता हूँ  पर जब तू सामने होती है  तोह वह भी कहने से डरता हूँ क्या करो मैं ऐसा ही हूँ।  न  आता है  मुझको  किसी का दिल तोड़ना , न किसके दिल के   साथ खेलना जनता हूँ, मैं जानता  हूँ  इश्क़ में  घायल हुए मरीजों को  इसलिए अपनी पंक्तियॉ   से उन पर  मरहम लगता हूँ।  पर  क्या करो मैं ऐसा ही हूँ। 

Baatein kuch hai khani

B as Kuch haseen yaadein hain Aur tujhse kuch shikayatein hain Tu paas hokar bhi paas nahi  Zindagi me hokar bhi  naseeb me nahi Tujhse kuch mulakatein hi theek hain    Kuch baatein hi sahi Phir bhi tu mere saath hokar bhi mere saath nahi Ro ro kar aankhen be-haal hain Dil dard me dooba hua hai Jab tu mere pass nahi Phir bhi kismat me tera naam kyu likha hua hai...                                                                            ----Unknown

KUCH uske baare mai

जब  तेरा नाम सुनता हूँ मैं , तो पता नहीं दिल में कुछ हलचल सी होती हैँ।  चहरे पर एक मुस्कराहट सी आ जाती है , आँखों में एक चमक सी आ जाती है , मैं  अपने हर रोये रोये में तेरी साँसों को महसूस करता हूँ, वह एक तेरी हसी को देककर मैं पूरा दिन गुज़ार  लेता हूँ, तेरे से मिलने के लिये मैं मिलो चलने के लिए तैयार हूँ, पता नहीं कैसा  असर किया है यह तुमने मेरे पर , बैठा मैं कही और पर होता हूँ लेकिन  सोचा  सिर्फ तेरे बारे में रहा होता हूँ।