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Baatein kuch hai khani

Bas Kuch haseen yaadein hain
Aur tujhse kuch shikayatein hain
Tu paas hokar bhi paas nahi 
Zindagi me hokar bhi  naseeb me nahi
Tujhse kuch mulakatein hi theek hain
   Kuch baatein hi sahi
Phir bhi tu mere saath hokar bhi mere saath nahi
Ro ro kar aankhen be-haal hain
Dil dard me dooba hua hai
Jab tu mere pass nahi
Phir bhi kismat me tera naam kyu likha hua hai...


                                                                           ----Unknown

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Corona Virus

Corona ने कितनो को मारा?? चलो आज नकारात्मक नही सकारात्मक बाते करते है,, इसने हमें क्या क्या दिन नही दिखया? न जाने क्या क्या सिखया, इसने तोह हाथ मिलाकर किसी को wish करने से अच्छा हाथ जोड़कर नमस्ते करना बताया,तब ही तोह पूरी दुनिया ने इसे अपनाया। इस ने भारत की विद्यालय का भी मान बढ़ाया जब सबको एक हाथ दूरी करके प्राथर्ना और प्रतिज्ञा का ज्ञान सिखया। इसने सभी घर के सदस्य को एक ही घर में रख दिया। इसने कैसे भारतवासी को अलग- अलग रहकर जोड़ दिया, इसने तो फिर वही इतिहास को दोहराया युवा और नई पीढ़ी को रामायण और महाभारत का फिर से महत्त्व बताया, इसने सभी को अपने अपने घर से इस जंग के योद्धा डॉक्टर ,फौजी,मीडिया और पुलिस  के लिए सब से शंख ,घंटी और तालिया बजवाई। इसने फिर से यह बताया कि डॉक्टर ही पृथ्वी पर भगवान का दूसरा रूप है, इसने फिर से पक्षी पशु को सड़क पर ला दिया और इंसान को पिंजरे में कैद कर दिया,और इसने फिर से मछली को पानी में गोता लगाते दिखया। और तोह और अपराध पर पूर्ण विराम लगया है!!          @Tushar Pathak

क्या करो मैं ऐसा ही हूँ।

न हूँ मै तेरे क्रश की तरह  न ही उसके जैसे दिखता हूँ , क्या करो मैं  ऐसा ही हूँ।  नहीं आता मुझे लड़की पटाना  न ही उनकी बात समझता हूँ  न हूँ मैं उनकी आँखों का सितारा  पर हूँ मैं अपनी माई के लिए  दुनिया का तारा।  नहीं आता तेरी  गुलाबी  होठों को पढ़ना , नहीं आता तेरी नश्ली  आँखो से बचना , क्या करो मैं ऐसा ही हूँ।  नहीं हूँ मैं दूसरे जैसा जो  दिल मे होता है वह  कहता हूँ  पर जब तू सामने होती है  तोह वह भी कहने से डरता हूँ क्या करो मैं ऐसा ही हूँ।  न  आता है  मुझको  किसी का दिल तोड़ना , न किसके दिल के   साथ खेलना जनता हूँ, मैं जानता  हूँ  इश्क़ में  घायल हुए मरीजों को  इसलिए अपनी पंक्तियॉ   से उन पर  मरहम लगता हूँ।  पर  क्या करो मैं ऐसा ही हूँ। 

KUCH uske baare mai

जब  तेरा नाम सुनता हूँ मैं , तो पता नहीं दिल में कुछ हलचल सी होती हैँ।  चहरे पर एक मुस्कराहट सी आ जाती है , आँखों में एक चमक सी आ जाती है , मैं  अपने हर रोये रोये में तेरी साँसों को महसूस करता हूँ, वह एक तेरी हसी को देककर मैं पूरा दिन गुज़ार  लेता हूँ, तेरे से मिलने के लिये मैं मिलो चलने के लिए तैयार हूँ, पता नहीं कैसा  असर किया है यह तुमने मेरे पर , बैठा मैं कही और पर होता हूँ लेकिन  सोचा  सिर्फ तेरे बारे में रहा होता हूँ।